इश्क़ शायरी, facebook Ishq Shayri,in Hindi

इश्क़ शायरी,facebook Ishq Shayri, in Hindi. इश्क़ शायरी, facebook Ishq Shayri,in Hindi. इश्क़ की वो मेरी इंतेहा पूछते हे,
दिल मे जो ये प्यार है,वो जगह पूछते है,
अपने आप से भी ज़्यादा चाहते हे हम उनको,
पर ये इश्क़ करने की वो वजह पूछते हे..।



सारा गुनाह इश्क़ का, उसपे ही डाल दो,
मुज़रिम उसे बनाकर मुसीबत को ताल दो,
ये चमन जहाँ खिला एक फूल मुस्कुराता,
उसे तोड़कर रकीबों की तरफ उछाल दो।।



इश्क के रिश्ते कितने अजीब होते है?
दूर रहकर भी कितने करीब होते है;
मेरी बर्बादी का गम न करो;
ये तो अपने अपने नसीब होते हैं!



इश्क की बेमिसाल मूरत हो आप,
मेरी ज़िंदगी की एक ज़रूरत हो आप,
फूल तो बहोत प्यारे होते ही हे,
पर फूलो से भी बहोत खूबसूरत हो आप.



ना इश्क़ का इज़हार किया,
ना ठुकरा सके हमें वो;
हम तमाम ज़िंदगी मज़लूम रहे,
उनके वादे मोहब्बत के वो।



इश्क़ की बंदगी दी है तो
हुस्न की इबादत जरूरी है;
इश्क़ से जीने की आस रहेगी और..
हुस्न से तड़प का सकून जरूरी है।।



इश्क़ मे उनको जान देके,
हम भी दिखा देते मगर…
तभी याद आया की,
मोहब्बत तो अंधी होती है.।



किताब-ए-इश्क़ में जितने अल्फ़ाज़ लिखे हैं,
दिल में मेरे उतने एहसास…रखे हैं.
तुम कह-कर देखते सितमगर,ज़ालिम,,
मेरे लबों पर कितने तेरे नाम रखे हैं.।।



शिद्दत – ए – दिल का आलम तो देखिए,
क्या दिखे सितारे ज़रा चाँद तो देखिए,,
सुकून -ए – ज़िंदगी में ना मिला कभी,
इश्क़ क्या करते ज़रा आशिक को देखिए..।।



तेरे इश्क का बुखार है मुझको;
और हर चीज खाने की मनाही है;
एक हुस्न के हकीम ने सिर्फ;
तेरे चमन की मौसमी बताई है।



राहे-दूरे-इश्क़ से रोता है क्या;
आगे-आगे देखिए होता है क्या;
सब्ज़ होती ही नहीं ये सरज़मीं;
तुख़्मे-ख़्वाहिश दिल में तू बोता है क्या;



इतना प्यार ना कर कि…
इश्क़ भी रो पड़े,तेरी वफ़ा देख कर,
तुम मिलो ना मिलो पर,
रब ज़रूर जल उठेगा, तुम्हारा जुनून देख कर .



जुनून ए इश्क़, नही रास आया,
जब भी देखा आईना,अक्स उनका ही नज़र आया,
तड़पते दिल के ब्यान करें कैसे ?
जब भी कुरेड़ा घाव को, दर्द उनका ही उभर आया।



इश्क़ छुपता है छुपाने से कहाँ,
यह खुद बे खुद सामने आता है,
नही बचता इस से कोई भी कभी,
यह सब को ही बड़ा तड़पता है।



तेरे इश्क़ में सब कुछ लूटा बैठा,
मैं तो ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठा,
अब जीने की तमन्ना ना रही बाकी,
सारे अरमान मैं अपने दफ़ना बैठा।।



यह रोग इश्क़ का बहुत बुरा है दोस्तो,
आप इस रोग से खुद को बचा लेना दोस्तों,
अगर हँसी कोई नज़रें मिलना भी चाहे,
तो नज़रों को अपनी हटा लेना दोस्तों,।।



इश्क़ शायरी,facebook Ishq Shayri, in Hindi. इश्क़ कैसे होता है..
इश्क़ किसको कहते है
वो तेरा मजबूर कर देना
और मेरा मजबूर हो जाना



मेरी दुनिया में आया एक मुसाफिर ऐसे,
कोई पहले की जान पहचान हो जैसे..
मिले हम उनसे और वो हमसे कुछ इस तरहा से,
कोई बरसों से बिछड़े हुए हों जैसे..



दिल में प्यार फिर इश्क़ उतरा कुछ ऐसे,
और कोई ज़िंदगी में गुंजाइश ना हो जैसे..
बता दो आए मुसाफिर जाना कहाँ हैं वैसे,
अकेले ये सफ़र तय करोगे तुम कैसे..



मिल गये हो तो अब रहना कुछ इस तरह से,
की साए भी एक से हो जाएँ जैसे..
दो मंज़िलें बन जायें अब एक ऐसे,
खुदा ने कोई दुआ क़बूल कर दी हो जैसे …!!



एहसास के दामन मे कभी आँसू गिरा के देखो,
इश्क़ कितना सच्चा हे कभी आज़मा कर देखो.
मोहब्बत को भूल कर क्या होगी दिल की हालत,
कभी कोई आईने को ज़मीन पर गिरा कर देखो.



हर शख्स से उलफत का इक़रार नही होता…!!
हर चेहरे से दिल को कभी प्यार नही होता…!!
जो रूह को छ्छू जाए, जो दिल मे उतार जाए…!!
उस इश्क़ का लफ़्ज़ों में इज़हार नही होता…।।



आँखो मे आँसू से आ जाते हे,
फिर भी लबो पर हसी रखनी पड़ती हे,
ये इश्क़ भी क्या चीज़ हे दोस्तो,
जिसे इश्क़ करते हे उसी से हे छुपानी पड़ती है।।



इश्क़ ऐसा करो की धड़कन मे बस जाए,
साँस भी लो तो खुश्बू उसी की आए,
प्यार का नशा आँखों पे छा जाए,
बात कुछ भी ना हो पर नाम उसी का आए



मत ज़िक्र करो अपने अदा के बारे मे,
हम भी बहोत जानते हे वफ़ा के बारे मे,
हमने सुना हे उन्हे भी इश्क़ का नशा छाया हे,
जो नही जानते कुछ भी वफ़ा के बारे मे.



जिसे तुम इश्क़ करो वो मोहब्बत
जो तुम्हे इश्क़ करे उसका क्या..?
जिसके लिए तुम रोए वो मोहब्बत
जो तुम्हारे लिए रोए उसका क्या..?
जिसके लिए तुम तड़पे वो मोहब्बत,
जो तुम्हारे लिए तड़पा उसका क्या..?
जिसे तुमने प्यार किया वो तुमको मिले और..
जिस को तुम ना मिले उसका क्या..?



इश्क़ शायरी,facebook Ishq Shayri, in Hindi. जज़्बात-ए-इश्क़ सब को बताया नही जाता,
लग जाता है दिल लगाया नही जाता..
जन्नत की बात हो या हो गुलिस्ताँ के रंग,
दिल में लगी आग को बुझाया नही जाता …!



इश्क़ ने हमे बेनाम कर दिया,
हर खुशी से हमे अंजान कर दिया,
हमने तो कभी नही चाहा कि हमे भी मोहब्बत हो,
लेकिन आप की एक नज़र ने हमे नीलाम कर दिया,,।



तनहाइयों मे मुस्कुराना इश्क़ है,
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है,
यूँ तो नींद नही आती हमें रात भर,मगर
सोते सोते जागना और जागते जागते सोना इश्क़ है.



हवाएं सर्द चल रही है,
कोई तूफान आने को है.
हुस्न बैठा है पास मेरे,
शायद हमे इश्क़ होने को है.



तेरी तस्वीर जब देखूं ,मुझ को याद आए तू,
साँसों में,आहों में,धड़कन में मेरे.
जीना तेरे लिए,मरना तेरी लिए,
इश्क़ का सेहरा बंधा सर पर मेरे.



चाहत के यह कैसे अफ़साने हुए,
खुद नज़रों मे अपनी बेगाने हुए,
किसी भी रिश्ते का ख़याल नही मुझे,
इश्क़ मे तेरे इस कदर दीवाने हुए..



अजीब अंधेरा है ए इश्क़ तेरी मैफिल में,
किसी ने दिल भी जलाया तो रोशनी ना हुई,।



वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही,
इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही,
खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए,
ना सोचो कि हमारा दिल दुःखता नहीं!



हमने हमारे इश्क़ का, इज़हार यूँ किया,
फूलों से तेरा नाम, पत्थरो पे लिख दिया



मंज़िल आसान नही ये तो इश्क़ का हसीन बज़ार है.
चल दिए जो कदम इस राह मे अब रोकना उसे ना गवार है.
एक नाम लिया जाए दुनिया मे बड़े शान से
इश्क़ की दुनिया मे हम भी थोड़े तो तज़ुर्बेकार है.



इश्क़ शायरी,facebook Ishq Shayri, in Hindi. चलना था तेरे साथ हमें बनके तेरा हमसफर,
आज हम अपनी ही परछाई से देखो कैसे डर गये,
इश्क़ करना जुर्म था पर जुर्म हम तो कर गये,
इश्क़ को खुदा समझ हम इश्क़ पे ही मर गये.



ना जाने कितने घायल हो गये है,
इस नज़रो के तीर ना चलाया कीजिए,
खुदा के कहर से दर ज़ालिम,
इश्क़ मैं किसी को आजमाया कीजिए .



फुरसत हो तुझे तो आ जाना.!
जनाज़े पर अश्क़ बहा जाना.!!
किया था इश्क़ इस ग़रीब से.!
दुनियाँ को याद करा जाना.!!



मेरी ज़िंदगी मैं आए हो बनके बाहर,
अपने हाथो मैं तेरे नाम की लकीर बना लूँ
बदली बनके बरस जा एक बार,
अपने इश्क़ की मैं तुझको हीर बना लूँ .



दिल को अपने आरमान मिल जाए,
इस जिस्म को अपनी जान मिल जाए..!!
आप जो मिल जाएँ मुझ को तो,
इश्क़ को अपनी दास्तान मिल जाए..!!



इश्क़ हो हमसे ही उनको ये ज़रूरी तो नही,
एक जेसी हालत हो दोनो की ये ज़रूरी तो नही
तन्हाईया मेरी सदा याद करती हे जिन्हे,
ज़रूरत हो उनको भी मेरी ज़रूरी तो नही



जाएँ भी तो कहाँ जाएँ,
दिल इश्क़ में गिरफ्तार बहुत है..!!
माँगते हैं सिर्फ़ मोहब्बत हम,
तेरे लबों का इज़हार बहुत है..!!



इश्क़ में ना जाने कब हम हद से गुज़र गये,
कई सारे ख्वाब मेरी आँखों में भर गये.



तड़प के मेरे इश्क़ में तुम रो के तो देखो,
है क़सम तेरे सर की इश्क़ करके तो देखो,
कितना खूबसूरत है यह इश्क़ जान लोगे,
तुम कभी इश्क़ की राहों से तुम गुज़र के देखो,।



शायरी को ग़ज़ल बना कर फरमाएँगे,
और उनको मोहब्बत में बदल देंगे,
जन्नत के ख्वाब भी आप भूल जाएँगे,
जब इश्क़ को खुद एक इबादत बना देंगे

इश्क़ शायरी,facebook Ishq Shayri, in Hindi.

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